हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

किसानों की खुली किस्मत, खेतों में लगाएं ये फसल, ₹1000 प्रति क्विंटल का देगी सरकार

WhatsApp Group Join Now
Instagram Group Join Now
Telegram Group Join Now

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इसी वर्ष 2024 में एक कमाल की योजना शुरू की गई है। जिसका नाम है रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना।

यह एक लाभकारी योजना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कई तरह के लाभ होने वाले हैं।

 

मध्य प्रदेश रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना

इस योजना का लाभ उठाकर किसान अपनी सेहत में सुधार कर सकते हैं और अच्छी कमाई भी कर सकते हैं।

साथ ही साथ सरकार से प्रति किलो के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी ले सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस योजना के द्वारा मिलने वाले लाभ के बारे में और पात्रता आवश्यक दस्तावेज।

 

प्रति किलो अनाज का मिलेगा पैसा

रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किसानों को फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिसमें 1 किलो अनाज का ₹10 मिलेगा।

इस हिसाब से एक कुंटल अगर अनाज की खेती करते हैं तो उन्हें ₹1000 मिलेंगे। यह एक प्रोत्साहन राशि है। ताकि किसान इन फसलों की खेती के तरफ आकर्षित हो सके। दरअसल यहां पर मोटे अनाज की खेती करने पर किसानों को लाभ मिलेगा।

जिसके अंतर्गत रागी, कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा के साथ कई तरह के मोटे अनाज आते हैं। अगर किसान इन मोटे अनाजों की खेती करते हैं तो उन्हें प्रोत्साहन राशि का पैसा मिलेगा।

तभी हमने कहा था कि इस योजना के अंतर्गत किसान अपनी सेहत में भी सुधार कर पाएंगे। इन अनाजों के सेवन से उन्हें कई तरह के लाभ मिलेंगे, यह सेहत के लिए फायदेमंद है। इसीलिए सरकार इन फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।

तब चलिए आपको बताते हैं इस योजना के लिए पात्र कौन से किसान होंगे।

Opis fotografije nije dostupan.

 

इस योजना की पात्रता

इस योजना का लाभ मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा।

यानी की आवेदक खेती-किसानी करते हो और वह कोदो, कुटकी, बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज की खेती करते हो।

किसान जनजातीय और पिछड़े वर्ग के होने चाहिए। यही किसान इस योजना के लाभार्थी होंगे।

 

आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास –

  • आधार कार्ड,
  • बैंक खाता का विवरण,
  • जमीन से जुड़े दस्तावेज के अलावा
  • निवास प्रमाण पत्र भी होना चाहिए।

यह भी पढ़े : किसान अब 25 अगस्त तक करा सकेंगे फसलों का बीमा